अहमदाबाद: गुजरात के जामनगर में दो साल पहले लापता हुए युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि युवक की हत्या उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर की थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले शराब में साइनाइड मिलाकर युवक की जान ली और फिर सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को एक फैक्ट्री परिसर में 12 से 15 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दो साल पहले दर्ज हुई थी लापता होने की शिकायत
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान जिग्नेश धर्मेशभाई मावडिया के रूप में हुई है। करीब दो वर्ष पहले उनके लापता होने की शिकायत सिटी बी पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिग्नेश की पत्नी पृथ्वी और नीलेश मनसुखभाई कचेटिया के बीच प्रेम संबंध थे। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर जिग्नेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
शराब में साइनाइड मिलाकर की हत्या, फिर दफना दिया शव
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जिग्नेश को शराब में साइनाइड मिलाकर पिलाया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को दरेड इलाके की एक किराए की फैक्ट्री में ले जाया गया और करीब 12 से 15 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया, ताकि वारदात के सबूत मिटाए जा सकें।
ऑस्ट्रेलिया में नौकरी की कहानी सुनाकर परिवार को किया गुमराह
जांच के अनुसार, हत्या के बाद पृथ्वी परिवार को लगातार यह बताती रही कि जिग्नेश ऑस्ट्रेलिया में नौकरी करने गया है। उसने यह भी दावा किया कि जिस कंपनी में वह काम कर रहा है वहां मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं है। इसी बहाने करीब दो वर्षों तक परिवार को गुमराह किया जाता रहा।
भाई के दबाव के बाद खुली पूरी साजिश
मृतक के भाई अशोक मावडिया ने जब जिग्नेश से बात कराने की मांग की और पुलिस के पास जाने की बात कही, तब मामला संदिग्ध हो गया। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की और पूछताछ के दौरान पूरी साजिश का खुलासा हुआ। आरोपियों की निशानदेही पर दरेड स्थित फैक्ट्री में फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में खुदाई कराई गई, जहां से इंसानी अवशेष बरामद किए गए।
हत्या का मुकदमा दर्ज, वैज्ञानिक जांच जारी
पुलिस ने पृथ्वी और उसके प्रेमी नीलेश मनसुखभाई कचेटिया के खिलाफ हत्या सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। बरामद मानव अवशेषों की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
